भाकपा-माले और अखिल भारतीय किसान महासभा ने आज (22 सितंबर) पटना सहित पूरे बिहार राज्य में 1 रु. प्रति एकड़ के भाव से अडानी को पावर प्लांट के लिए दी गई 1050 एकड़ जमीन के फैसले के खिलाफ प्रतिवाद सभा आयोजित की।
पटना में सभा को फुलवारी विधायक गोपाल रविदास, वरिष्ठ नेता कामरेड केडी यादव, किसान महासभा राज्य सह सचिव कॉ. राजेंद्र पटेल, जल्ला किसान संघर्ष समिति नेता कॉ. शंभूनाथ मेहता और ऐक्टू नेता रणविजय कुमार आदि ने संबोधित किया।
मौके पर केडी यादव ने कहा कि बिहार को लूटने के लिए मोदी ने अडानी के लिए बिहार का दरवाजा खोल दिया है। भूमिहीन गरीब परिवारों को आवास के लिए 3 डिसमिल जमीन तक नहीं मिलती, लेकिन जब बात अडानी की आती है, तो सरकार पूरे बाग-बगीचे वाली 1050 एकड़ जमीन भी 1 रु. प्रति एकड़ के हिसाब से सौंप देती है! गरीबों को छत देने में सरकार नाकाम है लेकिन काॅरपोरेटों को मालामाल कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए का नारा होना चाहिए – जनता का साथ, अडानी का विकास।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि भागलपुर में अडाणी के पावर प्रोजेक्ट के नाम पर मोदी-नीतीश डबल ठगी की तैयारी कर रहे हैं। एक ओर तो वे फसली जमीन छीन कर अडाणी को सौंप रहे हैं और गंगा के पानी के औद्योगिक दोहन से बिहार के पूर्वांचल में नया जल संकट पैदा करेंगे। प्लांट के निर्माण में 10000-12000 मजदूरों की बात की जा रही है। जाहिर है, अस्थायी और अल्पकालिक ठेका श्रम की बात कर रहे हैं। संचालन काल में 3000 नौकरी की बात की जा रही है। सच्चाई यह है कि ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों को बिरले ही मौका मिलता है। बिहार की जनता मोदानी को आंखों में धूल झोंक कर भागने का मौका नहीं देगी।
जमीन की यह लूट केवल भागलपुर में नहीं है। पूरे बिहार में ऐसा हो रहा है। पहले के तो सारे उद्योग ध्वस्त हो गए। अब सरकार नए उद्योग खड़ा करने के नाम पर गरीबों और किसानों के पास जो भी थोड़ी बहुत जमीन है, उसे बिना मुआवजा या बेहद कम मुआवजा पर छीन ले रही है और फिर उसे अपने कार्पोरेट यारों को दे दे रही है।
पटना में प्रतिवाद सभा की अध्यक्षता रणविजय कुमार, संचालन कामरेड राजेंद्र पटेल ने किया। कार्यक्रम में राज्य कमिटी सदस्य कमलेश कुमार, गुरुदेव दास, कृपा नारायण सिंह, मधेश्वर शर्मा, राजेश गुप्ता, संजय यादव, विनय कुमार, पन्नालाल सिंह, अनय मेहता, अनुराधा देवी, पुनीत पाठक, सत्येंद्र शर्मा, विभा गुप्ता, प्रमोद यादव आदि शामिल थे।
पटना के अलावा नालंदा, आरा नगर, फतुहा, मसौढ़ी, जमुई, अरवल, नवादा आदि जगहों पर प्रतिवाद सभाएं आयोजित की गईं।
आंदोलन
पीरपैंती पावर प्लांट के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिवाद